इस विश्वविद्यालय में उर्दू में लिखी यह ‘रामायण’ की सिर्फ एक प्रति है मौजूद

इस विश्वविद्यालय में उर्दू में लिखी यह ‘रामायण’ की सिर्फ एक प्रति है मौजूद

मेरठ: यूपी के मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्विद्यालय में विद्यार्थी उर्दू में लिखी रामायण का शोध कर रहे हैं अमूमन हिंदुओं के पवित्र धार्मिक ग्रन्थ रामायण का शोध हिन्दी, संस्कृति या इंग्लिश में किया जाता है लेकिन चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के राजा महेन्द्र प्रताप लाइब्रेरी में विद्यार्थी छात्राएं इन दिनों उर्दू में लिखी रामायण को पढ़ते देखे जा सकते हैं उर्दू भाषा में लिखी रामायण के पीछे का इतिहास भी काफी पुराना और रोचक है

लाहौर में प्रकाशित हुई थी उर्दू रामायण
आजादी से पूर्व जब पाक और बांग्लादेश हिंदुस्तान का हिस्सा हुआ करते थे तब 1916 में लाहौर में उर्दू रामायण प्रकाशित हुई थी इस रामायण को महात्मा शिवव्रत लाल द्वारा उर्दू में ट्रांसलेट किया गया था जिससे जो भी उर्दू भाषा में रामायण का शोध करना चाहते हैं, वह इस रामायण को पढ़ सकें यह रामायण गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखित रामायण के आधार पर ही ट्रांसलेट की गई है जिसमें रामायण से जुड़ी सभी चौपाई उर्दू में दी हुई हैं

ऐसे आई यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में
राजा महेंद्र प्रताप पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ जमाल अहमद सिद्दीकी ने News18 local से खास वार्ता करते हुए बताया कि, वो कुछ वर्षों पहले एक कार्यक्रम में गए थे जहां एक विद्वान आदमी द्वारा उन्हें अपनी निजी लाइब्रेरी में आमंत्रित किया गया था तब उन्होंने उसकी लाइब्रेरी में यह उर्दू रामायण देखी उर्दू रामायण को देखकर जमाल सिद्दीकी ने आग्रह किया कि इस नायाब और खास भाषा में लिखी रामायण को उन्हें दे दिया जाए पहले तो संबंधित आदमी द्वारा इस रामायण को देने से इन्कार कर दिया गया लेकिन फिर रामायण का उचित मूल्य देने के बाद इसे राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी के लिए लाया गया तब से यह लाइब्रेरी की अमानत बनी हुई है

इस वजह से अनमोल है यह रामायण
103 साल पुरानी यह उर्दू रामायण केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दिया जाता है जो इसके बारे में जानना चाहते हैं इतना ही नहीं रामायण का शोध करते समय लाइब्रेरी प्रशासन का कोई ना कोई पदाधिकारी साथ में रहता है क्योंकि यह विश्विद्यालय की एक अनमोल अमानत है दरअसल जिस पब्लिकेशन हाउस में यह उर्दू रामायण पब्लिश हुई थी, उसका यह अशं केवल चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के पास है हालांकि अन्य विश्वविद्यालयों में उर्दू में रामायण तो है, लेकिन इस पब्लिकेशन का अंश नहीं है

डिजिटल प्लेटफार्म पर लॉन्चिंग की तैयारी
लाइब्रेरी प्रशासन जल्द ही इस खास रामायण को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लांच करने जा रहा है प्रशासन द्वारा इस उर्दू रामायण को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है, जिससे कि जो भी उर्दू भाषाई छात्र-छात्राएं हैं वो उर्दू में इस रामायण का शोध कर सकते हैं

इस अनमोल रामायण को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सीसीएसयू लाइब्रेरी की वेबसाइट https://www.ccsuniversity.ac.in/ccsum/index.php
पर जाकर भविष्य में शोध किया जा सकता है