पुलिस ने सर्राफ से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाले एक आरोपी को कर लिया गिरफ्तार

पुलिस ने सर्राफ से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाले एक आरोपी को  कर लिया गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्त में धमकी देने वाला संजय दास.

लखनऊ के सरोजनीनगर में पुलिस ने सर्राफ से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाले एक आरोपी को रविवार को अरैस्ट कर लिया. उसने कनाडा में बैठे कुख्यात गैंगेस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से सर्राफ को टेलीफोन किया था. रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी दी. पुलिस अब उसका आपराधिक इतिहास पता करने में जुटी है.

मां अन्नपूर्णा ज्वेलर्स के मालिक से मांगी थी रंगदारी

जितेंद्र कुमार सरोजनीनगर भीतर हीरालाल नगर के रहने वाले हैं. उनकी स्कूटर इण्डिया चौराहा के पास मां अन्नपूर्णा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है. उन्होंने बताया कि 7 जून को उनके मोबाइल पर सुबह में 9 बजे के करीब एक अंजान पुरुष ने टेलीफोन किया. उसने बताया कि वह गोल्डी बराड गैंग से बोल रहा है. उनका खास आदमी हैं. आज शाम तक यदि उसने(सर्राफ) 10 पेटी (10 लाख रुपए) की प्रबंध नहीं की तो कल का सूरज नहीं देख पाएगा. जितेंद्र ने उसी दिन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके बाद पुलिस मुद्दे की जांच में जुट गई थी.

वायस सॉफ्टवेयर से आवाज बदल करता था फोन
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान संजय दास के रूप में हुई है. वह गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से सर्राफ से 10 लाख की रंगदारी मांग रहा था. वह बिहार के वैशाली नारीकला खुर्द गांव का रहने वाला है. वह लखनऊ के टीपीनगर एलडीए कालोनी में किराए पर रहता था. उसके पास से दो मोबाइल टेलीफोन बरामद हुए हैं. जिनका उपयोग वह रंगदारी मांगने में करता था. पूछताछ में बताया कि उसने मोबाइल एप के जरिए आवाज बदलकर सर्राफ से रंगदारी मांगी थी. रुपए गूगल पे एकाउंट पर भेजने को बोला था.

यूट्यूब देख कर बनाया था रंगादारी मांगने का प्लान

आरोपी संजय रंगदारी मांगने के लिए Hindi 2 Way और Text now जैसे सॉफ्टवेयर की सहायता से वॉट्सऐप कॉल करता था पुलिस पूछताछ में बताया कि मार्च 2012 से लखनऊ में भिन्न भिन्न स्थान किराये पर रह रहा था. वह 18 महीने से टीपी नगर में एक मोबाइल दुकान पर काम कर रहा था.

जहां यू-ट्यूब पर वॉट्सऐप फेक कॉलिंग करने के संबंध में जानकारी जुटाई. इसके बाद फर्जी आईडी से 40 हजार रुपए में औनलाइन सॉफ्टवेयर खरीदा था. जिसके लिंक से सॉफ्टवेयर को मोबाइल में डाउनलोड किया. जिससे वॉट्सऐप पर सरलता से फेक आईडी बना लेता था. उसके बाद लोगों को धमकी देकर रुपए मांगता था.

दुकान के बोर्ड पर लिखे नंबर से खोजता था टारगेट
पुलिस के अनुसार संजय शहर में घूम-घूमकर ज्वैलरी की दुकान के बोर्ड पर पड़े मोबाइल नंबरों को नोट कर लेता था. उसके बाद उनके बारे में जानकारी कर टेलीफोन करता था. उसने कई अन्य व्यापारियों को टेलीफोन किए थे लेकिन रुपए किसी से नहीं मिले.