जेवरात पर मेकिंग चार्ज कम तो सोना का दर ज्यादा, सोना सस्ता तो बनाने का खर्च महंगा

जेवरात पर मेकिंग चार्ज कम तो सोना का दर ज्यादा, सोना सस्ता तो बनाने का खर्च महंगा

 भारतीय सर्राफा बाजार ने शनिवार यानि 30 जुलाई को सोना और चांदी के रेट्स जारी कर दिए हैं. आज के मूल्य पर नजर डालें तो पिछले दिन के मुकाबले सोने और चांदी दोनों के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है. बरेली में सोने के मूल्य में हल्की राहत मिली है जबकि चांदी का रेट बढ़ा है. शुक्रवार को लखनऊ में चढ़ा सोना शनिवार को गिर गया, हालांकि चांदी के मूल्य में बढ़ोत्तरी देखी गई.  वहीं आगरा और कानपुर में सोने के मूल्य में स्थिर रहे.

लखनऊ में शुक्रवार को 24 कैरेट सोने का मूल्य कल जितना ही यानी 52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम है तो वहीं, चांदी 59,600 प्रति किलो रही. कानपुर में 24 कैरेट सोना कल 52,250 का बिका था जबकि चांदी का रेट 59,700 प्रति किलो था. आगरा में 24 कैरेट सोना 52,500 प्रति 10 ग्राम पर और चांदी 59,500 प्रति किलो पर बिकी. गोरखपुर में शुक्रवार को 24 कैरेट सोना 53,200 जबकि चांदी का रेट 60,000 प्रति किलो था. मेरठ की बात करें तो सोना 52400 प्रति 10 ग्राम और चांदी 59,200 रुपये प्रति किलो बिकी है. 

वहीं बरेली में सोना 52500 प्रति 10 ग्राम और चांदी 59000 प्रति किलो बिकी है. सर्राफा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने के मूल्य में उछाल देखने को मिल सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि आने वाले दिनों में त्योहार और शादियों का सीजन प्रारम्भ होने वाला है.

एक शहर के अंदर भी सोना-चांदी के दो दुकानों में दर का अंतर होता है. लेकिन कोई जेवर खरीदना हो तो मिला-जुलाकर ग्राहक का खर्च एक जैसा हो ही जाता है. दरअसल, जेवर पर सोना-चांदी के दर के ऊपर मेकिंग चार्ज यानी बनाने का खर्चा लगता है. आप गौर करेंगे कि जिस दुकान में सोने का रेट कम होगा, वहां मेकिंग चार्ज 15-24 प्रतिशत तक ऊपर से लगता है. वहीं जहां सोने का दर अधिक होता है उस दुकान में मेकिंग चार्ज 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक वसूला जाता है. यानी सोना सस्ता तो मेकिंग चार्ज महंगा और सोना महंगा तो मेकिंग चार्ज सस्ता. ज्वैलर्स इस रास्ते या उस रास्ते कमाई कर ही लेते हैं.